बस्ती। अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह बस्ती में रक्षाबंधन समारोह का भव्यता देखते ही बनी। अपने मनीष भैया को राखी बाँधने के लिए सुबह से ही महिलाओं का ताँता लग गया और करीब तीन हजार बहनें आयोजन में पहुँची। महिलाओं ने मनीष मिश्रा को तिलक लगाया, उनकी आरती उतारी और उन्हें राखी बाँधी। मनीष भैया ने भी सभी बहनों के स्नेह को सहर्ष स्वीकार करते हुए उनकी आरती उतारी। अपेक्षा से कई गुना अधिक संख्या होने के बावजूद किसी को निराश नहीं लौटने दिया गया। करीब तीन हजार बहनों को सम्मानपूर्वक साड़ियाँ और पारंपरिक नेग प्रदान किया गया। समारोह के दौरान हजारों संख्या महिलाओं ने एक साथ ‘वन्दे मातरम का गायन किया। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम’ को राष्ट्रगान के समान वैधानिक संरक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। इसके बाद पूरा प्रेक्षागृह राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी नारों से गूँज उठा। महिलाओं ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और सांसद निशिकांत दुबे के समर्थन में भी जोरदार नारे लगे।निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का बुजुर्ग माता के हाथों हुआ शुभारम्भ
इस अवसर पर बस्ती के लिए शुरू की गई निःशुल्क एम्बुलेंस एवं चलित स्वास्थ्य सेवा का भी औपचारिक शुभारंभ हुआ। पहले इसका उद्घाटन मनीष मिश्रा को करना था, लेकिन उन्होंने कहा, “इस सेवा का उद्घाटन मैं नहीं, बस्ती की हमारी कोई बुजुर्ग माता करेंगी।” इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित एक बुजुर्ग माता के हाथों एम्बुलेंस सेवा का उद्घाटन कराया गया। यह चलित स्वास्थ्य सेवा बस्ती के गाँव-गाँव जाकर निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाएगी। इसके माध्यम से रक्त-जाँच, मधुमेह की जाँच, नेत्र परीक्षण, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य विशेष रूप से उन लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है, जिन्हें उपचार के लिए दूर जाना पड़ता है।
मनीष मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः’ के संकल्प को साकार करते हुए यह सेवा बिना किसी जातिगत अथवा सामाजिक भेदभाव के प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुँचेगी। जिस प्रकार ‘रामजी का पेड़ा’ और ‘रामजी का झोला’ जैसी पहलों में कभी जाति-पाँति नहीं देखी गई, उसी प्रकार इस स्वास्थ्य सेवा का लाभ भी बस्ती के प्रत्येक परिवार को मिलेगा।



