6 मई को देशभर में मुख्यालयों पर धरना, सांसदों को सौंपेंगे ज्ञापन; दिल्ली में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
बस्ती। केंद्र सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए ग्रामीण बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी आंदोलन की राह पर उतर आए हैं। आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन (अरेबिया) के आह्वान पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत एक मई से 'वर्क-टू-रूल' (नियमित कार्य) शुरू होगा और 6 मई को देश के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यह जानकारी देते हुए एसोसिएशन के महासचिव विक्रम कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों जैसे पदोन्नति नियमों में संशोधन, नई मानव संसाधन नीति का क्रियान्वयन, 25 हजार से अधिक अस्थायी और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण व 12वीं वेतन समझौते को शीघ्र लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 अप्रैल को यूनियन पदाधिकारियों की बैठक में आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार 6 मई को मुख्यालयों पर धरना देने के साथ ही संबंधित क्षेत्रों के सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अलावा नाबार्ड व रिजर्व बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मांगपत्र भेजा जाएगा। चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आगामी संसद सत्र के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल धरना आयोजित किया जाएगा और एक दिन की देशव्यापी हड़ताल भी की जाएगी।
