आइए जाने ऋचा विश्वकर्मा की सफलता की कहानी, उन्हीं की जुबानी

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संघर्ष के बदौलत ऋचा विश्वकर्मा ने बनायी पहचान
बियांका गोल्ड इण्डस्ट्रीज बन चुका है एक ब्राण्ड

    बस्ती। ऋचा विश्वकर्मा पत्नी राहुल विश्वकर्मा मिश्रौलिया दुर्वासा (परसा-परसुरामपुर) की निवासी है। इन्होने अपने पति के सहयोग से बियांका गोल्ड इण्डस्ट्रीज की स्थापना 04 नवम्बर 2022 को की गयी है। ऋचा विश्वकर्मा उच्च शिक्षित महिला है, उनके पति एम.बी.ए. है तथा इन्होने अपनी जेपी कम्पनी भूटान में चीफ फाइनेन्स आफिसर के पद पर 03 वर्ष की सेवा को छोड़कर स्वयं का उद्योग लगाने में मेरा सहयोग दिया।
ऋचा विश्वकर्मा ने बताया कि लॉक डाउन में उत्पन्न बेरोजगारी से मुझे एवं परिवार को संघर्ष करना पड़ा। पूँजी के अभाव में कार्य बाधित होने पर मेरे द्वारा उद्योग विभाग से सम्पर्क किया गया।
   उन्होंने बताया कि मुझे भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना की जानकारी प्राप्त हुयी। मेरे द्वारा रू0 50.00 लाख का ऋण आवेदन किया गया। बैंक से ऋण प्राप्त होने के उपरान्त खादी ग्रामोद्योग आयोग भारत सरकार से मुझे रू0 17.50 लाख की सब्सिडी प्राप्त हुयी। मेरी इकाई मेसर्स बियांका गोल्ड इण्डस्ट्रीज का उद्घाटन न्यायमूर्ति सुभाष चन्द्र शर्मा (इलाहाबाद हाईकोर्ट) व तत्कालिक जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी तथा हरेन्द्र प्रताप उपायुक्त उद्योग की उपस्थिति में हुआ एवं इकाई का सफल संचालन प्रारम्भ हुआ।  उन्होने बताया कि मेरे अथक प्रयास से आज बियांका गोल्ड एक ब्राण्ड बन चुका है।
     बियांका गोल्ड नाम की बालपुट्टी, लाइमवाश, टाइल्स एड्डेसिव, वाटरप्रूफ वालपुट्टी उत्तर प्रदेश के कई जिलों जैसे संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, अयोध्या, बलरामपुर, गोण्डा, गोरखपुर, अम्बेडकरनगर एवं देवरिया में आपूर्ति हो रही है। मेरी औद्योगिक इकाई की स्थापना से स्थानीय स्तर पर 50 से अधिक व्यक्त्त्यिों को रोजगार प्राप्त हुआ है। आर्थिक रूप से आत्म निर्भर होने से मेरे जीवन में अमूलचूल परिवर्तन हुआ है, जिससे हमारी स्थिति सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ हो सकी है।


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