- डबल इंजन सरकार का असर-अंबेडकर नगर में 224 इकाइयों ने शुरू किया उत्पादन, हजारों को रोजगार
- सीएम डैशबोर्ड में टॉप-4 में अंबेडकर नगर, एनओसी जारी करने में लगातार अव्वल प्रदर्शन
-पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर, बड़े निवेश आकर्षित
-ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में बड़ी छलांगरू रिलायंस और अदानी के प्रोजेक्ट से बदलेगा अंबेडकर नगर का स्वरूप
अंबेडकर नगर। प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले में औद्योगिक विकास ने नई गति पकड़ ली है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित डबल इंजन सरकार के 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में जिला उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। बीते कुछ वर्षों में जिले में ऐसा औद्योगिक वातावरण तैयार हुआ है, जिससे देश-विदेश के निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ा है।एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। इन निवेशकों में गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल जैसे प्रमुख औद्योगिक राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल के निवेशक भी शामिल हैं। यह अंबेडकर नगर की बढ़ती औद्योगिक साख और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था का स्पष्ट संकेत है। इन निवेश प्रस्तावों का असर अब धरातल पर भी साफ नजर आने लगा है। 244 औद्योगिक इकाइयों ने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) में भाग लिया, जबकि 224 इकाइयों ने अपना वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। इन इकाइयों में कुल 1774 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे जिले में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि निवेशकों को सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। इससे एनओसी, अनुमतियों और प्रोत्साहनों की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। यह व्यवस्था निवेश के लिए “बूस्टर” की तरह काम कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों से जिले में निवेश की अपार संभावनाएं सामने आई हैं।अंबेडकर नगर का प्रदर्शन सीएम डैशबोर्ड पर भी लगातार सराहनीय रहा है। जिला पिछले छह महीनों से टॉप-4 रैंक में बना हुआ है, जबकि एनओसी जारी करने के मामले में पिछले पांच महीनों से प्रथम या द्वितीय स्थान पर कायम है। यह उपलब्धि प्रशासन की कार्यकुशलता और निवेशकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती है। जिले में औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 570 एकड़,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर 362 एकड़ भूमि पर यूपीडा द्वारा आईएमएलसी औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इससे बड़े और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित होने की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं।
अकबरपुर तहसील के सस्पना गांव में रिलायंस बायो एनर्जी द्वारा 125 करोड़ रुपये की लागत से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजीध्सीएनजी) प्लांट का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। वहीं, भीटी तहसील में अदानी एग्रो लॉजिस्टिक्स द्वारा आधुनिक अनाज भंडारण (साइलो) सुविधा का निर्माण किया जा रहा है। ये परियोजनाएं न केवल कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देंगी।
उत्पादन में संचालित प्रमुख इकाइयां-आर एन फीड्स-21 करोड़ 117 रोजगार, पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड-40 करोड़ 110 रोजगार, राम आनंद पांडे राइस मिल-3.5 करोड़ 40 रोजगार, लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट-3 करोड़ 35 रोजगार
निर्माणाधीन प्रमुख इकाइयांः रिलायंस बायो एनर्जी-125 करोड, अदानी एग्रो लॉजिस्टिक्स-25 करोड, आर्यांस एग्रो सॉल्वेक्स प्रा. लि.-65 करोड़
निवेश पाइपलाइन में शामिल बड़ी परियोजनाएं: मैकलेक टेक्निकल प्रोजेक्ट (सर्फेस टरबाइन)-600 करोड़, जीपीएस रिन्यूएबल आर्य प्रा. लि. (सीबीजी प्लांट)-210 करोड, पेट्रोनेट एलएनजी प्रा. लि. (सीबीजी प्लांट)-125 करोड़
जिला प्रशासन का मानना है कि इन्वेस्ट यूपी की सुदृढ़ और पारदर्शी प्रणाली के कारण अंबेडकर नगर निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। आने वाले समय में यह जिला उत्तर प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
जिले की इकोनॉमी 60 हजार करोड़ करने का है टारगेट -डीएम
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बताया कि यूपीडा के तहत दो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलप हो रहे हैं। एक बेवाना में और दूसरा जलालपुर में है। दोनों ढाई ढाई सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल के हैं। पुनर्ग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। अधिग्रहण भी लगभग 95 फीसदी हो चुका है। यूपीडा की ओर से कार्रवाई चल रही है। जल्द ही हम इसे डेवलप कर लेंगे। इससे जिले में औद्योगिकरण भी होगा। साथ ही इकोनॉमी भी बीस से 60 हजार करोड़ का टारगेट है। इसे अचीव करने में सहायता मिलेगी। जिले में फूड ग्रेंस के गोडाउन खुल रहे हैं और सीबीजी सेक्टर में भी ग्रोथ हो रही है।

