अम्बेडकर नगर के शिक्षक व चर्चित कवि डॉ. तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु का हिंदी साहित्य की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान

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अम्बेडकरनगर।  अम्बेडकर नगर के शिक्षक व चर्चित कवि डॉ. तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु हिंदी साहित्य की दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। पेशे से परिषदीय जूनियर शिक्षक होने के साथ-साथ वे मोटिवेशनल स्पीकर व कुशल मंच संचालक भी हैं। उनकी रचनाएं शेर, मुक्तक, दोहे व छंद मुक्त काव्य में जीवन के विविध रंगों को उकेरती हैं।

आइए जानते हैं कवि डॉ. तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु के जीवनवृत्त, रचनाएं व उनकी विशिष्टताओं के बारे में-
डॉ. जिज्ञासु का जन्म 7 मई 1975 को हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री काशीनाथ मिश्र (पुजारी बाबा) थे। स्नातकोत्तर (समाजशास्त्र) शिक्षा प्राप्त डॉ. जिज्ञासु का स्थायी पता ग्राम अहिरौली, पोस्ट आशापार, तहसील जलालपुर, जनपद अम्बेडकरनगर (पिन-224125) तथा वर्तमान पता रघुराजीपुरम कॉलोनी, निकट होटल विनायक ग्रैंड, अकबरपुर, अम्बेडकरनगर (पिन- 224122) है।
उनकी प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें
एक आईना जिज्ञासु की कलम से (छंद मुक्त काव्य संग्रह), मन का आँगन, एहसास-दीप, जिज्ञासु के अल्फाज, जज्बात जिज्ञासु के (गूगल बुक) तथा जिज्ञासु के दोहे (पॉकेट बुक)। इसके अलावा अपराजिता, हरसिंगार, गीत गूंजते हैं, मधुमालती, कोविड-19, दोहा सागर, काव्य ज्योति, आया कोरोना मत डरोना, साहस, कोहिनूर, गुलबहार सहित कई साझा संग्रहों में उनकी रचनाएं शामिल हैं।
साहित्यिक सम्मान
साहित्यिक योगदान के लिए डॉ. जिज्ञासु को अब तक 37 से अधिक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें साहित्य गौरव सम्मान, श्रद्धा साहित्य गौरव सम्मान, तुलसी मीर सम्मान, साहित्य सारथी सम्मान, युवा शक्ति सम्मान (2020), कोरोना योद्धा सम्मान, योद्धा रत्नम अवॉर्ड, साहित्य भूषण सम्मान, प्रेमचंद सम्मान, हिंदी रत्न सम्मान, हिमालयन रत्न सृजन सम्मान, काव्य शिरोमणि सम्मान, श्री रामधारी सिंह दिनकर सम्मान, श्री राम साहित्य सम्मान (2024), विद्या वाचस्पति व विद्या सागर मानद उपाधि (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), साहित्य रत्न मानद उपाधि (काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी), यू.पी. गौरव अलंकरण (2024), इंडियन डायमंड डिग्निटी अवॉर्ड (2024) आदि प्रमुख हैं।

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